हर देश में धर्म , नस्ल , जाति , भाषा आदि के आधार पर एक से अधिक समुदाय रहते हैं जो समुदाय बहुसंख्यक होता है वही अपने को धरती पुत्र कहता है जबकि सत्य यह है कोई भी कहीं भी हमेशा से नहीं रह रहा है। इसी बहुसंख्यक समुदाय के अंदर एक अत्यंत अल्प संख्यक गुट होता है उन परिवारों का जो आपस में जन्म और रिश्ते से जुड़े रहते हैं और जिन्होंने कालांतर में उस देश की सत्ता और संसाधनों पर क़ब्ज़ा कर लिया होता है।
यही परिवार और इनसे जुड़े लोगों को देश की हर व्यवस्था हर विभाग - शिक्षा , व्यवसाय , राजकीय सेवा , बैंकिंग , मीडिया , पुलिस , इंटेलिजेन्स , न्याय पालिका सेना हर जगह वर्जस्व प्राप्त हो जाता है।
अपना वर्जस्व बनाये रखने के लिए और इनके अपने समुदाय के लोग अपना हक़ न मांगें उन्हें अपने आधीन बनाये रखने के लिए दूसरे किसी अल्पसंख्यक वर्ग के खिलाफ नफरत फैलाते हैं और इस कमज़ोर वर्ग को हिंसा का शिकार बनाते हैं - हिटलर ने यहूदियों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को शिकार बनाया ताकि आम जर्मन नागरिक बेरोज़गारी और मंहगाई के खिलाफ एक जुट न हो जाए। पाकिस्तान में शियों को शिकार बनाया जा रहा है भारत में मुसलामानों को शिकार बनाया जा रहा है ताकि पिछड़े दलित आदिवासी एक जुट न होने पायें।
हर देश में अनेकों लोग जो बेक़सूर हैं या कोई मामूली गलती हो जाने के कारण पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जेलों में बंद हैं तो सामान्य प्रक्रिया में उनको छुड़ाने वाला कोई नहीं है - हर पेशी पर कोर्ट जाते हैं उन्हें अगली तारीख मिल जाती है - महीनों बरसों यह क्रम चलता रहता है विशेष रूप से अगर वे मानसिक विक्षिप्त हैं अनपढ़ हैं गरीब हैं ग्रामीण या आदिवासी हैं।
ऐसे ही अनेक स्त्री पुरुष पागल खानों में बंद है इनमें अनेक लोग हैं जिन्हें उनके ही परिवार जन ने सम्पत्ति से बे दखल करने के लिए पागल क़रार दे दिया है। कितने बच्चे और स्त्रियां सुधार गृहों में बंद हैं वे स्त्रियां जिन्होंने धर्म और जाति की दीवार तोड़ कर प्रेम किया या विवाह किया। इन मामलों में भी सौतेले माता पिता या परिवार के अन्य सदस्य का हित छुपा होता है।
कितने मानव अधिकार एक्टिविस्ट या सत्ता के विरुद्ध कुछ लिखने बोलने के कारण लोग बंद हैं। कितने लोग किसी के धोखे में आ कर कोई पैकेट पहुंचाने की भूल कर के ड्रग एक्ट में लम्बे अर्से के लिए बंद हो जाते हैं। ऐसे ही कितने लोग आतंकवादी बता कर पुलिस बंद कर देती है और उनकी ज़मानत नहीं हो पाती है।
कितने लोगों को नौकरी की लालच दिला कर ऐसी जगह पहुंचा दिया जाता है जहां से वे निकल नहीं सकते बंधुवा मज़दूर बन जाते हैं जैसे कि कोयला खानों में कितने बच्चे और स्त्रियां यौन शोषण के लिए क़ैद कर लिए जाते हैं मिडिल ईस्ट में हरम में पहुंचा दिए जाते हैं। चीन ने दस लाख से अधिक लोगों को क़ैद कर रखा है उनके शरीर के अंग ट्रांसप्लांट के लिए बेच दिए जाते हैं।
उद्योग के लिए एक तरफ कच्चा पदार्थ - प्रकृति से प्राप्त चीज़ें और दूसरी और उत्पादनों को बेचने के लिए खपत चाहिए। इस कारण एक तरफ प्राकृतिक सम्पदाओं की लूट चल रही है दूसरी और आम लोगों को विज्ञापनों , मीडिया के ज़रिये उपभोग के रास्ते लगा दिया गया है। उत्पादन हो रहा है उपभोग हो रहा है दूसरी तरफ लूट चल रही है प्रदूषण बढ़ रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए मिनरल चाहिए होते हैं जो अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में पायें जाते हैं और इनके निष्कासन में विकिरण और विषैले प्रभाव का खतरा होता है - बहुत कम मज़दूरी पर बंदूकों के बैरलों तलें औरतों बच्चों से यह निष्कासन कार्य कराया जाता है और इन देशों में कठपुतली सरकारें स्थापित की जाती हैं - यह तथ्य दुनिया के सभी राष्ट्रों की सरकारों, डब्लू एच ओ और यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल और सभी पदाधिकारियों को मालूम होगा ही और बहुत से इस लूट में शामिल होंगे और लाभ ले रहे होंगे।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों का उत्पादन और तस्करी चल रही है यह भी अरबों का व्यापार है और खपत के लिए लड़के लड़कियों को पहचान कर उनके किसी जानने वाले के ज़रिये नशे का आदी बनाया जाता है। जो लोग इस व्यापार में एक बार शामिल हो गए तो बच कर भाग नहीं सकते। नशीले पदार्थों के उत्पादन और व्यापार पर जो रोक लगाए गा उसके लिए भी खतरा है। दिखाने को इक्का दुक्का लोग पकड़े जाते हैं और फिर उन्हें ज़मानत नहीं मिलती या मिडिल ईस्ट के देशों में उनकी गर्दन भी कटती है - शायद वे लोग जो इस तंत्र से निकल भागना चाहते हैं उनके ही साथ ऐसा होता होगा।
यह तथ्य भी दुनिया के सभी राष्ट्रों की सरकारों, न्यायालयों, डब्लू एच ओ और यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल और सभी पदाधिकारियों को मालूम होगा ही और बहुत से इस व्यापार तस्करी में शामिल भी होंगे और लाभ ले रहे होंगे।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों औरतों का यौन शोषण और पोर्नोग्राफी का अरबों का व्यापार चल रहा है। बच्चों औरतों को लुभा कर या चुरा कर इस व्यापार का शिकार बनाया जाता है और अधिकांशत: जानने वाले स्त्री पुरुष ही शामिल होते होंगे और एक बार व्यापार का हिस्सा बन जाने के बाद निकल भागना संभव न होता होगा। यह तथ्य भी दुनिया के सभी राष्ट्रों की सरकारों, न्यायालयों, डब्लू एच ओ और यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल और सभी पदाधिकारियों को मालूम होगा ही और बहुत से इस व्यापार में शामिल भी होंगे और लाभ ले रहे होंगे।
लकड़ी के लिए वनों का काटना, हाथी दांत, कछुए की पीठ आदि चीज़ों की लूट चल रही है। ओषधि के नाम पर भालूओं के पित्ताशय में नली डाल कर उनसे पित्त निकाल कर ओषधि के रूप में व्यापार चल रहा है ऐसे ही मछलियों और अन्य जीवों से चीज़ें तैयार कर के करोड़ों का व्यापार चल रहा है।
राष्ट्रों की आपसी स्पर्धा में महाविनाशक शस्त्रों के निर्माण की दौड़ चल रही है - एटम बम जिसे अमेरिका ने जापान के सरेंडर के बावजूद हिरोशिमा नागासाकी पर गिराया क्यूंकि उद्देश्य उसके उद्योग को नष्ट करना था। इराक के सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर केमिकल युद्ध शस्त्रों का इस्तेमाल किया। बायो शस्त्र भी विकसित हो रहे हैं।
दुनिया भर में औद्योगिक उत्पादन बढ़ाने की वजह से प्रकृति में प्रदूषण खतरनाक हद तक बढ़ता जा रहा है कई नगरों में वायु खतरनाक हद तक प्रदूषित हो चुकी है।
इस तरह हम देखते हैं कि आधुनिक राष्ट्र मानव जाति और पूरे विश्व के लिए खतरा बन चुके हैं।
इन सब के पीछे यह सत्य है कि आज हर राष्ट्र में कुछ परिवारों के हाथ में सत्ता और संपत्ति है और पूरी दुनिया में कुछ परिवारों के हाथ में सब से अधिक दौलत है और यही परिवार सारे अनैतिक व्यापार के पीछे हैं और हर क़ानून के ऊपर हैं :
The top 10 richest families in 2021 by estimated wealth are:
• The Waltons with $238 billion.
• The Mars family with $142 billion.
• The Kochs with $124 billion.
• The Hermès family with $112 billion.
• The Sauds with $100 billion.
• The Ambanis with $94 billion.
• The Wertheimers with $62 billion.
• The Johnsons with $61 billion.
https://www.google.com/search?q=top+richest+households+in+the+world+2021&oq=Top+richest+households+&aqs=chrome.3.69i57j33i160l5.28300j0j15&sourceid=chrome&ie=UTF-8
यह सिर्फ बंदूक गोली बम ही नहीं बना कर बेच रहे हैं और सप्लाई कर रहे हैं यह हिंसक संगठनों को फण्ड भी करते हैं नफरत फैलाने वाली पार्टियों को सत्ता पर बिठाते भी हैं।
Viewing things either as male or as female has distorted our perceptions. Only some living things are male and female and even such things require gender free word most of the times. For example a human being needs to be addressed by some common word but the common word ‘man’ has been taken by male of the species. The male has penis and female has womb- so woman is correct word for female of human species and accordingly male of human species must be called ‘peman’ while man should be used where there is no need to express gender. At microscopic level, the female gamete remains at one place and male gamete reaches it and gets attached. 1. Most harm has caused to our thinking and feelings by understanding God in male image. 2. Many things having nothing to do with sex dichotomy are understood as male or female- for example in Hindi palang is masculine while kursi and mez are feminine. 3. Even our emotions are treated as masculine or feminine for example pyaar is masculine and muhabbat ...
Comments
Post a Comment