सोशल मीडिया के आज के दौर में आज विवादों को फैलाना बहुत आसान हो गया है - किसी पर ऊँगली उठाने के पहले अपने गरेबान में मुंह डालना भी ज़रूरी है और जब तुम एक ऊँगली किसी की तरफ उठाते हो तो तुम्हारी चार उंगलियां तुम्हारी तरफ उठी रहती हैं। मैं खुद वीगन Vegan हूँ और चाहता हूँ सभी लोग न सिर्फ मांसाहार बल्कि दुग्धाहार बल्कि दूध से बनी सभी चीज़ें छोड़ दें - जानवरों मछलियों पक्षियों से कुछ भी न लूटें। मुसलामानों को बक़रईद में घर पर क़ुर्बानी नहीं करनी चाहिए - हज्ज में भी अब सारी क़ुर्बानी अलग एडवांस्ड सिस्टम से होती है और हर हिस्सा पैक हो कर अलग अलग जगह जाता है हज्ज करने वाले सिर्फ अपना अमाउंट जमा कर देते हैं। नफरत के इस दौर में जो लोग मुसलामानों पर ऊँगली उठा रहे हैं उन्हें शायद मालूम नहीं कि शैव पंथ का आधार पशु बलि पर है वैष्णव पंथ बौद्ध और जैन अहिंसा के पथ पर हैं। कोलकता में दुर्गा पूजा काली पूजा पर कितनी बलि होती है और शिव मंदिर में कितनी बलि होती है उससे उत्तरी भारत के लोग शायद अनभिज्ञ हैं। क़ुरान में बक़रईद पर क़ुर्बानी का हुक्म नहीं है सिर्फ हज्ज पर क़ुर्बानी का हुक्म है - उस ज़माने में मांसाहार त...