हर देश में धर्म , नस्ल , जाति , भाषा आदि के आधार पर एक से अधिक समुदाय रहते हैं जो समुदाय बहुसंख्यक होता है वही अपने को धरती पुत्र कहता है जबकि सत्य यह है कोई भी कहीं भी हमेशा से नहीं रह रहा है। इसी बहुसंख्यक समुदाय के अंदर एक अत्यंत अल्प संख्यक गुट होता है उन परिवारों का जो आपस में जन्म और रिश्ते से जुड़े रहते हैं और जिन्होंने कालांतर में उस देश की सत्ता और संसाधनों पर क़ब्ज़ा कर लिया होता है। यही परिवार और इनसे जुड़े लोगों को देश की हर व्यवस्था हर विभाग - शिक्षा , व्यवसाय , राजकीय सेवा , बैंकिंग , मीडिया , पुलिस , इंटेलिजेन्स , न्याय पालिका सेना हर जगह वर्जस्व प्राप्त हो जाता है। अपना वर्जस्व बनाये रखने के लिए और इनके अपने समुदाय के लोग अपना हक़ न मांगें उन्हें अपने आधीन बनाये रखने के लिए दूसरे किसी अल्पसंख्यक वर्ग के खिलाफ नफरत फैलाते हैं और इस कमज़ोर वर्ग को हिंसा का शिकार बनाते हैं - हिटलर ने यहूदियों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को शिकार बनाया ताकि आम जर्मन नागरिक बेरोज़गारी और मंहगाई के खिलाफ एक जुट न हो जाए। पाकिस्तान में शियों को शिकार बनाया जा रहा है भारत में मुसलामानों को शिकार बना...